”सुषमा के स्नेहिल सृजन” आधार छंद-दोहा मुक्तक
”सुषमा के स्नेहिल सृजन” आधार छंद-दोहा मुक्तक
”सुषमा के स्नेहिल सृजन”
आधार छंद-दोहा मुक्तक
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तर्पण
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*सुख समृद्धि अनुदिन बढ़े,
सुखी रहे परिवार।*
*आश्विन तिथि पूजन करें,
बनकर श्रवण कुमार।*
*मात-पिता में ही दिखे,
ईश रूप का वास-*
*श्राद्ध कर्म विधि अर्चना,
करते हैं स्वीकार।।*
*द्वार खड़े अपने पितर,
यह उनका अधिकार।*
*देने आए हैं हमें,
शुभाशीष सह प्यार।*
*कृष्ण पक्ष शुभ श्राद्ध से,
करते हम सम्मान-*
*अर्पण तर्पण से करें,
प्यार सहित मनुहार।।*
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