दंतेवाड़ा : दुर्गम और विषम रास्तों को पार कर कलेक्टर पहुंचे सुदूर गांव विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी
दंतेवाड़ा : दुर्गम और विषम रास्तों को पार कर कलेक्टर पहुंचे सुदूर गांव विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी
दंतेवाड़ा : दुर्गम और विषम रास्तों को पार कर कलेक्टर पहुंचे सुदूर गांव विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी
दंतेवाड़ा, 14 मार्च 2026
घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच बसे दंतेवाड़ा के सुदूरवर्ती गांवों में आज विकास की एक नई किरण पहुंची। जिला कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज प्रशासनिक लाव-लश्कर के साथ किरंदुल से हिरोली होते हुए जिले के सबसे दुर्गम गांवों में से एक पुरंगेल, बड़ेपल्ली एवं बेंगपाल का सघन दौरा किया। यह दौरा महज एक निरीक्षण नहीं, बल्कि उन ग्रामीणों के लिए उम्मीद का संदेश था जो दशकों से बुनियादी सुविधाओं की राह देख रहे थे।
पुरंगेल तक पहुँचने का रास्ता आज भी पगडंडियों और घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहाँ आधुनिकता की दस्तक अभी तक थमी हुई थी। जब कलेक्टर अपनी टीम के साथ बाईक से विषम रास्तों को पार कर गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों के चेहरों पर झलकी मुस्कान ने इस कठिन सफर की थकान मिटा दी। पुरंगेल, बेंगपाल और बड़ेपल्ली जैसे आश्रित गांवों की स्थिति का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने पाया कि यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा हैं।
ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनते हुए कलेक्टर श्री ध्रुव ने स्पष्ट किया कि अब इन गांवों की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने मौके पर ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को पुरंगेल तक अविलंब प्राक्कलन तैयार कर सड़क निर्माण करने का आदेश दिया। कलेक्टर का मानना है कि सड़क सिर्फ आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य का द्वार हैय इसीलिए उन्होंने घोषणा की कि सड़क बनते ही यहाँ आंगनवाड़ी और सर्वसुविधायुक्त स्कूल भवनों की स्वीकृति दी जाएगी।
सिर्फ बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए भी चौतरफा रणनीति बनाई गई है। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल के लिए कुंआ, नलकूप और हैंडपंप की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वहीं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ग्रामीणों को बकरी और सूअर पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों में रसद की समस्या को देखते हुए इन तीनों गांवों के लिए ऑफलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की संवेदनशीलता यहीं नहीं रुकीय कलेक्टर ने घोषणा की कि किरंदुल में एक विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों के बैंक खाते, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जॉब कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को घर-तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें हर 15 दिन में यहाँ स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उन्हें फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा और गांव के बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की ओर से जरूरी उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।
दौरे के अंत में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। इस ऐतिहासिक दौरे में जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा और डीएफओ श्री रामाकृष्णा रंगनाधा वाय सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे, जो अब इस दुर्गम क्षेत्र के कायाकल्प की योजना को धरातल पर उतारने में जुट गए हैं।
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