मुंगेली : जनभागीदारी से मजबूत होगा सुशासन, सामाजिक अंकेक्षण से बढ़ेगी जवाबदेही*

मुंगेली : जनभागीदारी से मजबूत होगा सुशासन, सामाजिक अंकेक्षण से बढ़ेगी जवाबदेही*

मुंगेली : जनभागीदारी से मजबूत होगा सुशासन, सामाजिक अंकेक्षण से बढ़ेगी जवाबदेही*
 
 
 
 *पुछेली में सामाजिक अंकेक्षण विशेष ग्राम सभा सम्पन्न*
*संचालक डॉ. सिंगरौल ने किया अवलोकन*
*ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सामाजिक अंकेक्षण की पारदर्शिता पर दिया जोर*
मुंगेली, 31 मई 2026
विकासखंड पथरिया के ग्राम पंचायत पुछेली में आयोजित सामाजिक अंकेक्षण विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई के संचालक डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंगरौल ने शामिल होकर सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को सामाजिक अंकेक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि यह केवल योजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता तथा जवाबदेही को सुदृढ़ करने की प्रभावी व्यवस्था है।


   डॉ. सिंगरौल ने कहा कि ग्राम सभा में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ही सामाजिक अंकेक्षण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कार्यों, निष्पक्ष समीक्षा और ईमानदार रिपोर्टिंग को सुशासन की आधारशिला बताते हुए कहा कि इससे विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनविश्वास को मजबूती मिलती है। इस अवसर पर जिला समन्वयक सत्यम पटेल ने पंचायती राज अधिनियम, ग्राम सभा की संवैधानिक भूमिका तथा आगामी 01 जुलाई से लागू होने वाले वीबीजी-रामजी के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने सामाजिक अंकेक्षण को लोकतांत्रिक जवाबदेही का प्रभावी माध्यम बताते हुए ग्रामीणों से योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन में सक्रिय भूमिका निभाने जागरूक किया।


     कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में सामाजिक अंकेक्षण जिले के ग्रामीणों को विकास कार्यों की समीक्षा करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भागीदारी निभाने का अवसर प्रदान करता है। सामाजिक अंकेक्षण ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है तथा शासन की मंशानुसार लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचता है। विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने विभिन्न विकास कार्यों, योजनाओं एवं उनकी गुणवत्ता को लेकर अपने सुझाव और विचार रखे। संचालक डॉ. सिंगरौल ने ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से सुना तथा सामाजिक अंकेक्षण की पारदर्शी प्रक्रिया का मौके पर निरीक्षण किया। 


    ग्रामवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें इस प्रकार की संवादात्मक और जनकेंद्रित सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभा में भाग लेने का अवसर मिला है, जिससे उन्हें ग्राम सभा की शक्तियों, अपने अधिकारों और विकास कार्यों की निगरानी संबंधी प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का समापन जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर ब्लॉक सामाजिक अंकेक्षण प्रदाता मणिशंकर बघेल, सरपंच श्रीमती संतोषी लहरे, पंचायत सचिव राजकुमार नवरंग, रोजगार सहायक संदेश कुमार बघेल, ग्राम सभा अध्यक्ष हरिचंद मरकाम, सामाजिक अंकेक्षण दल के सदस्य जलेश्वर साहू एवं इंद्रजीत नवरंग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।