रायपुर : लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज

रायपुर : लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज

रायपुर : लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज
 
 
 
 वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे पर कलेक्टर ने समीक्षा के दिए आवश्यक निर्देश
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से विद्युत विहीन पहाड़ी कोरवा का एक गांव होगा रोशन, विशेष ग्रामसभा में होगा चयन
सुशासन तिहार, महतारी वंदन, जल जीवन मिशन और आयुष्मान योजना की समीक्षा, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर
रायपुर, 1 जून 2026
रायगढ़ जिले के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, वहीं जिले के अन्य अनुविभागीय अधिकारी आनलाइन इस बैठक में शामिल हुए। 


बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल ’वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सुदूर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर बाजार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष 6 हजार 332 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।


कलेक्टर ने एक जून से 30 जून तक संचालित होने वाले ’खेत बचाओ अभियान’ की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत किसानों को हरित शैवाल आधारित जैविक खाद तैयार करने की विधि, खेतों में टांका निर्माण तथा प्राकृतिक खेती के विभिन्न उपायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विद्युत विभाग को विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बाहुल्य किसी एक विद्युतविहीन ग्राम का चयन कर उसे योजना के तहत शत-प्रतिशत विद्युतीकृत करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे गांव की पहचान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आगामी 5 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्रामसभा में इस विषय पर प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश भी दिए गए।


प्रदेशभर में शीघ्र प्रारंभ होने वाली मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को लेकर कलेक्टर ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर मॉनिटर की जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपनी लॉगिन आईडी, पासवर्ड तथा तकनीकी तैयारियां पूर्ण रखें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता से लेकर उनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझकर उसका समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर ने जनदर्शन कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों की जानकारी आदि सेवा केंद्र पोर्टल में नियमित रूप से अपडेट करने को कहा।


बैठक में बाल नीति-2022 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले, भिक्षावृत्ति में संलग्न तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग को दिए। उन्होंने आदिम जाति विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में पांच होम सेंटर संचालित हैं, जिनमें लगभग 250 बच्चों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पूर्व में पूर्ण हो चुकी योजनाओं के सफल संचालन और सामुदायिक भागीदारी के उत्कृष्ट उदाहरणों का दस्तावेजीकरण कर वीडियो तैयार करने तथा निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के बैंक खातों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने शेष बचे हितग्राहियों की विभागवार समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, ताकि किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। आगामी खरीफ सीजन और मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने सेवा सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश कृषि एवं सहकारिता विभाग को दिए।


प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मांग, शिकायत और समस्याओं से जुड़े प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े लंबित वसूली प्रकरणों की जनपदवार समीक्षा करते हुए वसूली कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के सभी निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों को आयुष्मान कार्ड का लाभ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। उन्होंने तकनीकी कारणों का हवाला देकर योजना के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने वाले निजी अस्पतालों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा बैठक में जिले की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।