अम्बिकापुर : सरगुजा में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान तेज, 12 नए मरीज चिन्हित-चिकित्सकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
अम्बिकापुर : सरगुजा में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान तेज, 12 नए मरीज चिन्हित-चिकित्सकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
अम्बिकापुर : सरगुजा में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान तेज, 12 नए मरीज चिन्हित-चिकित्सकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
अम्बिकापुर 19 मार्च 2026/
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरगुजा जिले में कुष्ठ रोग की पहचान, जांच एवं उपचार को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले के सभी विकासखण्डों में विशेष निरीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए।
भारत सरकार के प्रतिनिधि डॉ. मुकेश सोनी एवं डॉ. कृष्ठ मूर्ति कामले सहित जिला नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा के मार्गदर्शन में आयुष चिकित्सकों एवं मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कुष्ठ रोगियों की शीघ्र पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। इस दौरान विशेषज्ञ दल ने फील्ड भ्रमण कर सर्वे एवं जांच कार्यों का भी जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिले में 12 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई है। इन मरीजों का उपचार मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि देश के 121 जिलों में कुष्ठ रोग के प्रकरण पाए गए हैं, जिनमें सरगुजा जिला भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया है कि कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री जीवाणु से होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जो त्वचा, नसों एवं आंखों को प्रभावित करती है। यह रोग पूरी तरह से उपचार योग्य है तथा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मल्टी ड्रग थेरेपी (डक्ज्) के माध्यम से निःशुल्क इलाज उपलब्ध है। उपचार में डैप्सोन, रिफैम्पिसिन एवं क्लोफैजिमाइन दवाओं का उपयोग किया जाता है।
कम बैक्टीरिया वाले मामलों में 6 माह तथा अधिक बैक्टीरिया वाले मामलों में 12 माह तक उपचार चलता है। विशेषज्ञों के अनुसार उपचार की पहली खुराक लेने के बाद ही रोगी से संक्रमण फैलना बंद हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और भ्रांतियों से दूर रहें। विभाग का मुख्य उद्देश्य समय पर पहचान एवं समुचित उपचार के माध्यम से समाज से कुष्ठ रोग का पूर्ण उन्मूलन करना है।
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