एमसीबी : लोहारी में ‘आजीविका सेवा केंद्र’ का शुभारंभ : महिलाओं के सपनों को मिला सशक्त मंच
एमसीबी : लोहारी में ‘आजीविका सेवा केंद्र’ का शुभारंभ : महिलाओं के सपनों को मिला सशक्त मंच
एमसीबी : लोहारी में ‘आजीविका सेवा केंद्र’ का शुभारंभ : महिलाओं के सपनों को मिला सशक्त मंच
आत्मनिर्भरता, रोजगार और सम्मान की नई कहानी लिखेंगी ग्रामीण महिलाएं
एमसीबी/01 अप्रैल 2026
विकासखंड मनेंद्रगढ़ के ग्राम लोहारी में शुरू हुआ आजीविका सेवा केंद्र अब सिर्फ एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया आधार बनकर उभर रहा है। एकीकृत कृषि क्लस्टर परियोजना के तहत स्थापित यह केंद्र ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और कौशल आधारित सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत पहचान देगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू की उपस्थिति में हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और विभिन्न आजीविका से जुड़े कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे आयोजन में महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब गांव की महिलाएं केवल सहभागिता नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ रही हैं।
महिलाओं के लिए ‘वन-स्टॉप समाधान’ बनेगा केंद्र
उज्जवल बिहान महिला आजीविका संकुल संगठन, घुटरा द्वारा संचालित यह केंद्र महिलाओं के लिए एक “वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म” के रूप में कार्य करेगा। यहां उन्हें कृषि आधारित गतिविधियों, स्वरोजगार, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इससे महिलाओं को अपने व्यवसाय को बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा।
आर्थिक आज़ादी से बढ़ेगा आत्मविश्वास
विशेषज्ञों का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। यह केंद्र महिलाओं को न केवल आय का साधन देगा, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की क्षमता, आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान भी प्रदान करेगा।
गांव की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
यह पहल केवल महिलाओं तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र के विकास से जुड़ी है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से पलायन रुकेगा और गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
“बदलाव की शुरुआत’-अतिथियों ने बताया ऐतिहासिक कदम“
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा मंि ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे केंद्र ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने, नए अवसरों का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में नवा बिहान महिला आजीविका संकुल संगठन के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। लोहारी का यह केंद्र अब केवल एक शुरुआत नहीं, बल्कि उस बदलाव की नींव है, जहां महिलाएं ‘सहयोगी’ नहीं, बल्कि ‘नेतृत्वकर्ता’ बनकर उभरेंगी।
cgns