बलरामपुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में असाक्षरों का सर्वे

बलरामपुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में असाक्षरों का सर्वे

बलरामपुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में असाक्षरों का सर्वे
 
 
 
 राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में असाक्षरों का सर्वे
महापरीक्षा अभियान 22 मार्च 2026 को आयोजित
बलरामपुर, 09 मार्च 2026/
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों की पहचान और उन्हें साक्षर बनाने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे कर मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री की जा रही है।


कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में जिले में आगामी 22 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले महापरीक्षा अभियान को ध्यान में रखते हुए असाक्षर व्यक्तियों की पहचान का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि चिन्हांकित शिक्षार्थी उल्लास साक्षरता केन्द्रों से जुड़कर पढ़ना-लिखना सीख सकें और साक्षर बन सकें। सर्वे के दौरान 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे असाक्षरों का चिन्हांकन किया जा रहा है, जो पूर्व में संचालित साक्षरता कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके। ऐसे नवसाक्षरों को भी चिन्हांकित किया जा रहा है, जो पहले आयोजित साक्षरता अभियानों या उल्लास कार्यक्रम की महापरीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन अपरिहार्य कारणों से राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), नई दिल्ली से प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं कर सके। साथ ही ऐसे नवसाक्षरों को भी शामिल किया जा रहा है, जो लंबे अंतराल के कारण पढ़ना-लिखना या दैनिक जीवन में आवश्यक जोड़-घटाना करने में असक्षम हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्वयंसेवी शिक्षकों का भी चिन्हांकन किया जा रहा है। इसमें हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के छात्र-छात्राएं, पारा-टोला या मोहल्लों में रहने वाले शिक्षक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व साक्षरता कार्यक्रमों से जुड़े एनजीओ प्रतिनिधि, एनएसएस, एनसीसी और स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं, बी.एड. एवं डी.एड. के प्रशिक्षार्थी, महाविद्यालयीन विद्यार्थी, स्व-सहायता समूहों के शिक्षित पदाधिकारी, नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ग्राम सहायिकाएं तथा महिला मंडल और नवयुवक मंडल के उत्साही युवक-युवतियों को जोड़ा जा रहा है।


स्वयंसेवी शिक्षक बनने पर विद्यार्थियों को मिलेगा बोनस अंक
उल्लास कार्यक्रम के तहत राज्य एवं जिला स्तर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं बोनस अंक देने का प्रावधान किया गया है। कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उल्लास कार्यक्रम के तहत 8 से 10 असाक्षरों के लिए एक साक्षरता केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इन केन्द्रों के लिए यथासंभव ग्राम की प्राथमिक शालाओं का उपयोग किया जाएगा, ताकि शिक्षार्थियों को वहां तक पहुंचने में आसानी हो और प्रकाश सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सर्वेक्षण और चिन्हांकन कार्य को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग साक्षर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।