एमसीबी : प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश, सामूहिक सहभागिता से स्वच्छ और हरित अमृतधारा का लिया संकल्प

एमसीबी : प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश, सामूहिक सहभागिता से स्वच्छ और हरित अमृतधारा का लिया संकल्प

एमसीबी : प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश, सामूहिक सहभागिता से स्वच्छ और हरित अमृतधारा का लिया संकल्प
 
 
 
 अमृतधारा में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश: कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों ने उठाई झाड़ू, तथा ग्रामीणों ने किया श्रमदान
“एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान में लगे सिंदूर, जामुन, आंवला, कटहल, अमरूद और गुलमोहर के पौधे
हजारों पर्यटकों की पसंदीदा अमृतधारा से उठी स्वच्छता और हरियाली की अलख, प्रशासन और समाज ने मिलकर लिया जनसंकल्प
एमसीबी/30 मई 2026
कल-कल बहते झरनों, घने जंगलों और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के बीच शनिवार को अमृतधारा पर्यटन स्थल एक प्रेरणादायी जनआंदोलन का साक्षी बना। यहां कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, जिला प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता ग्राही समूह की महिलाओं, ग्रामीणों और पर्यटकों ने एक साथ श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। वहीं “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान के तहत पौधरोपण कर प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।


अक्सर छुट्टियों और पिकनिक के दौरान हजारों पर्यटक अमृतधारा पहुंचते हैं, लेकिन उनके द्वारा छोड़ा गया प्लास्टिक कचरा और अपशिष्ट इस प्राकृतिक धरोहर की सुंदरता को प्रभावित करता है। इसी चिंता को संवेदनशीलता के साथ समझते हुए प्रशासन ने सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया। अधिकारियों और ग्रामीणों ने स्वयं झाड़ू उठाकर परिसर की सफाई की और लोगों को संदेश दिया कि प्रकृति केवल देखने की वस्तु नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोकर रखने वाली धरोहर है। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब एक पेड़ माँ के नाम् अभियान के तहत सिंदूर, जामुन, आंवला, कटहल, अमरूद और गुलमोहर के पौधे लगाए गए। उपस्थित लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे रोपित कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। पौधरोपण का यह दृश्य प्रकृति, संस्कृति और भावनाओं के अद्भुत संगम के रूप में दिखाई दिया।


अमृतधारा मंदिर समिति के पुजारी ने भी माइक के माध्यम से पर्यटकों से अपील की कि वे पर्यटन स्थल को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें और प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाएं। इस दौरान कई पर्यटकों ने भी स्वच्छता अभियान में भाग लेकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दिया।


श्रमदान के पश्चात जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने सभी को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार, कचरा पृथक्करण और सामुदायिक स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाए तो स्वच्छ और हरित समाज का सपना आसानी से साकार हो सकता है। अमृतधारा में हुआ यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनभागीदारी का मजबूत संदेश बनकर उभरा। इस पहल ने यह साबित किया कि जब प्रशासन और समाज साथ खड़े होते हैं, तब स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं रहते, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले लेते हैं।


कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, एसडीएम लिंगराज सिदार, जिला खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा, जनपद पंचायत सीईओ वैशाली सिंह, सहित समस्त जिला अधिकारी तथा जिला समन्वयक राजेश जैन, स्वच्छता ग्राही समूह की महिलाएं, स्थानीय ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित रहे।


ईंधन बचाने की अनूठी पहलरू एक ही बस में अमृतधारा पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में किया श्रमदान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और जनभागीदारी की अपील को आत्मसात करते हुए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में प्रशासन ने एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही बस में सवार होकर अमृतधारा पहुंची और वहां श्रमदान कर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन-प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहलें, जैसे सामूहिक यात्रा कर ईंधन की बचत करना, श्रमदान करना और पौधरोपण करना, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दे सकती हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे अनावश्यक ईंधन खपत को कम करने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने तथा स्वच्छता एवं हरियाली के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अमृतधारा में आयोजित यह कार्यक्रम स्वच्छता, पर्यावरणीय संवेदनशीलता, ईंधन संरक्षण और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं मैदान में उतरकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। विशेष बात यह रही कि अधिकारियों द्वारा एक साथ बस में यात्रा कर यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत स्वयं के व्यवहार में बदलाव से होती है।